अखाड़ा परंपरा में महत्वपूर्ण है महामंडलेश्वर पद-श्रीमहंत रविंद्रपुरी
स्वामी सत्यश्रेय गिरी 12 जुलाई को बनेंगे महामंडलेश्वर
हरिद्वार। निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर की पदवी ग्रहण करने जा रहे स्वामी सत्यश्रेय गिरी महाराज ने संतों व श्रद्धालु भक्तों के साथ निरंजनी अखाड़े पहुंचकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज से आशीर्वाद लिया और पट्टाभिषेक समारोह का निमंत्रण पत्र दिया। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने मां मनसा देवी की चुनरी ओढ़ाकर सभी को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि अखाड़ा परंपरा में महामंडलेश्वर पद महत्वपूर्ण है।
समाज में धर्म संस्कृति का प्रचार कर भक्तों को कल्याण के मार्ग पर अग्रसर करने में महामंडलेश्वर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी सत्यश्रेय गिरी युवा और विद्वान संत हैं। निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर की पदवी ग्रहण करने के बाद वे सनातन के प्रचार प्रसार के साथ अखाड़े की परंपरांओं को समृद्ध करने में योगदान देंगे। स्वामी सत्यश्रेय गिरी ने कहा कि वे सौभाग्यशाली है कि निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर के रूप में उन्हें अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के मार्गदर्शन में सनातन संस्कृति के प्रचार प्रसार और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करने का अवसर मिलेगा।
महामंडलेश्वर स्वामी नारायण नाथ गिरी गोल्डन बाबा ने कहा कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन के साथ मानव कल्याण में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। कोविड काल में बड़े स्तर पर राशन वितरण कर जरूरतमंदों की मदद में उनके योगदान से सभी को प्रेरणा मिलती है। उनके नेतृत्व में प्रयागराज महाकुंभ का भव्य व दिव्य आयोजन उनकी सांगठनिक कुशलता का परिचायक है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी नारायण नाथ गिरी गोल्डन बाबा, स्वामी सत्यश्रवानंद,स्वामी सत्यशील गिरी जी ,विश्वास आनंद और अमित वालिया मौजूद रहे।
