रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने बुधवार को ग्रामीणों के साथ जनजागरण यात्रा निकाली। यात्रा आर्यनगर गोठ से मंगोलपुरा तिराहे तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं पुरुष और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द झूला पुल का निर्माण शुरू कराने की मांग उठाई गई।

विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि वर्ष 2021-22 में झूला पुल निर्माण के लिए प्रथम किस्त जारी की जा चुकी थी, लेकिन करीब चार वर्ष बीतने के बाद भी सरकार वन विभाग समेत अन्य विभागों की आपत्तियों का निस्तारण नहीं करा पाई है। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा सत्र में कई बार इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठा चुकी हैं।

अनुपमा रावत ने आरोप लगाया कि यदि सरकार ने समय रहते पुल का निर्माण करा दिया होता तो आज क्षेत्र में जान-माल की अपूरणीय क्षति नहीं होती। उन्होंने इसके लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की समस्या को लेकर भाजपा कार्यकर्ता भी अपनी ही सरकार से पुल निर्माण की मांग करते हुए धरना दे रहे हैं, जो सरकार के लिए विचारणीय विषय है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर राजनीति नहीं करती। ग्रामीणों की जरूरत और सुरक्षा को देखते हुए सरकार को तत्काल वित्तीय स्वीकृति जारी कर झूला पुल का निर्माण शुरू कराना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वह ग्रामीणों के साथ अनशन शुरू करने को बाध्य होंगी।
जनजागरण यात्रा में कांग्रेस नेता गुरजीत लहरी, टीकाराम सैनी, शैलेंद्र पाठक, खेम सिंह, चंद्रप्रकाश इंशा, विनोद अधिकारी, अनीस अहमद, सलेक चंद, जग्गी सिंह, जगत पटवाल, विजेंद्र कुणार, महेश्वरी देवी, शकुंतला, विमला देवी, चंद्रवती देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

