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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज (जीडीएमसी) अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस बिष्ट ने कहा कि नए नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति से अस्पताल में समय के साथ सुविधाएं और सेवाएं बेहतर होंगी। उन्होंने यह बात अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों की स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए हाल ही में लागू किए गए बदलावों पर चर्चा करते हुए कही।
डॉ. बिष्ट ने कहा कि अस्पताल में हाल ही में नए वार्ड बॉय और अन्य स्टाफ की नियुक्ति की गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस समय अस्पताल प्रशासन का मुख्य फोकस आपातकालीन विभाग को प्राथमिकता देना है, जहां लगातार बड़ी संख्या में मरीज तत्काल उपचार की मांग करते हैं। इसे देखते हुए स्टाफ सदस्यों की उपलब्धता बढ़ाई गई है। आपातकालीन विभाग द्वारा दी जाने वाली सेवाओं को बढ़ाने के लिए हाल ही में 24 वार्ड बॉय को विशेष रूप से इस क्षेत्र के लिए तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीजों को समय पर उपचार मिले, क्योंकि अतिरिक्त वार्ड बॉय तत्काल सेवाओं जैसे रक्त के नमूने एकत्र करने और मरीजों की देखभाल करने में सहायता करेंगे।
उन्होंने कहा कि समय के साथ जीडीएमसी में सेवाओं को सुदृढ़ और बेहतर बनाया जाएगा। अनुमान है कि जीडीएमसी अस्पताल में लगभग 260 नर्सों की नियुक्ति जल्द ही हो जाएगी। इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन ने उपलब्ध आईसीयू बेड की संख्या बढ़ाकर अपनी सुविधाओं को मजबूत करने की योजना बनाई है। वर्तमान में, केवल 80 आईसीयू बेड चालू हैं, लेकिन अतिरिक्त नर्सों और अन्य कर्मचारियों की भर्ती के साथ, यह संख्या 50 और बढ़ जाएगी। इसके अलावा, डायलिसिस उपचार दो शिफ्टों में बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में, अस्पताल में प्रतिदिन केवल 12 डायलिसिस सत्र आयोजित किए जाते हैं, लेकिन अतिरिक्त शिफ्ट के साथ, यह बढ़कर 24 सत्र प्रतिदिन हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नर्सों की भर्ती के साथ-साथ अन्य स्टाफ सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी और अस्पताल में सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।