हरिद्वार। नैनीताल हाईकोर्ट के अधिवक्ता ललित मिगलानी ने युवाओं में बढ रही नशे की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत पर बल देते हुए कहा है कि नशा समाज के सामने एक गंभीर चुनौती बन गया है। यह युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और भविष्य को बर्बाद करने के साथ परिवारों की खुशियां भी छीन रहा है। नशे की गिरफ्त में आकर अनेक युवा अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसर खो देते हैं, जबकि उनके माता पिता और परिजनों को मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

अधिवक्ता ललित मिगलानी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशे की समस्या का समाधान केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसके लिए सामाजिक सहभागिता, प्रभावी पुलिस कार्रवाई, कानूनी जागरूकता और नशे की लत से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार एवं पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशे पर प्रभावी कार्रवाई के लिए भारत में कड़े कानूनी प्रावधान हैं। आवश्यकता उन्हें दृढ़ता से लागू करने की है। इसमें समाज का सकारात्मक सहयोग भी जरूरी है। नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई आवश्यक है, लेकिन नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को केवल सामाजिक तिरस्कार का सामना करने के लिए छोड़ देना उचित नहीं है।

उन्हें चिकित्सकीय सहायता, काउंसलिंग, पारिवारिक सहयोग और पुनर्वास के अवसर मिलने चाहिए। अधिवक्ता ललित मिगलानी ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों के व्यवहार, मित्र-मंडली और मानसिक स्थिति के प्रति सजग रहें तथा उनके साथ संवाद बनाए रखें। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियमित कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि युवाओं को नशे के स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों और इसके कानूनी परिणामों की जानकारी मिल सके।

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